Haryana’s inscriptions, inscriptions, and found Architectural Remains

Haryana’s inscriptions, inscriptions, and found Architectural Remains

हरियाणा के विभिन्न स्थानों से प्राचीन काल के अभिलेख, शिलालेख, व वास्तु अवशेष प्राप्त हुए है। हरियाणा के इतिहास में इन सभी का बहुत ही महत्व है। कुछ अभिलेख प्राचीन हरियाणा के सामाजिक व आर्थिक जीवन के बारे में दर्शाते है तो कुछ हरियाणा के इतिहास को दर्शाते है व व कुछ हरियाणा के भोगोलिक जानकारी रखते है।

  • ब्राह्मण ग्रन्थों व वैदिक ग्रन्थों, ऋग्वेद, शतपथ ब्राह्मण, ऐतरेय ब्राह्मण, छंदोग्य उपनिषद में हरियाणा के सामाजिक व आर्थिक जीवन की जानकारी मिलती है।
  • संस्कृत में रचित ग्रंथ अष्टाध्यायी, महाभाष्य, हर्षचरित, राजतरंगिणी आदि से हरियाणा की ऐतिहासिक जानकारी मिलती है।
  • ऋग्वेद सबसे प्राचीन वेद है इससे हरियाणा की भौगोलिक जानकारी प्राप्त होती है।

हरियाणा से संबन्धित अभिलेख, शिलालेख व प्राप्त वास्तु अवशेष की जानकारी दी जा रही है। हरियाणा के इतिहास को दर्शाती यह जानकारी हरियाणा से संबन्धित विभिन्न प्रतियोगी (HSSC, HPSC, HTET, Haryana Police) परीक्षाओं में परीक्षार्थी की मदद करेगी। इनमें से कुछ प्रश्न एक्जाम में आ चुके है, और आने वाले एक्जाम की दृष्टि से बहुत ही महत्वपूर्ण है|

हरियाणा के अभिलेख ओर शिलालेख से संबन्धित प्रश्न

  1. हरियाणा का पुरातनतम नाम ‘हरियाना’ नाम का  उद्गम किस में पाया जाता है?
    उत्तर – चाहमण (Lab Attendant 30 Sep 2018)
  2. हरियाणा का पुरातन नाम हरियाना का उद्गम चाहमण अभिलेख में मिलता है, इस अभिलेख की जानकारी किस राजा के अभिलेख में मिलती है?
    उत्तर – अजमेर म्यूजियम में अर्णोंराज राजा के अभिलेख में
  3. किस ग्रंथ में हरियाणा का नाम हरियाला मिलता है?
    उत्तर – स्कन्दपुराण में
  4. स्कन्द पुराण में कुरुक्षेत्र को किस नाम से जाना गया है?
    उत्तर – हरीक्षेत्र
  5. वामन पुराण के अनुसार की कथाओं के अनुसार किस राजा ने द्वैतहल चलाकर कुरुक्षेत्र को आबाद किया?
    उत्तर – राजा कुरु (वामन पुराण में हरियाणा को जंगल कहा गया है इसमें हरियाणा क्षेत्र के सात जंगलों का वर्णन मिलता है।)
  6. किस बौद्ध साहित्य में हरियाणा के लोगों के जीवन की जानकारी मिलती है?
    उत्तर – मज्झिमनिकाय व दिव्यवदान में
  7. बौद्ध साहित्य दिव्यवदान के अनुसार हरियाणा में बौद्ध धर्म के मुख्य केंद्र कौन से थे?
    उत्तर – रोहतक व अग्रोहा
  8. बौद्धकाल के कुरु और पांचाल महाजनपद में आधुनिक हरियाणा का भाग शामिल था।
  9. जातक ग्रन्थों में कुरुक्षेत्र का वर्णन मिलता है।
  10. किस जैन साहित्य में हरियाणा के प्रथम शताब्दी से तीसरी शताब्दी तक की सांस्कृतिक जीवन की जानकारी मिलती है?
    उत्तर – भद्रबाहु चरित्र और कथाकोष
  11. हरियाणा से प्राप्त सर्वाधिक महत्वपूर्ण अभिलेख टोपरा अभिलेख से प्राप्त अशोक स्तम्भ है। इस अभिलेख में किस भारतीय शासक का जिक्र मिलता है?
    उत्तर – बीसलदेव चौहान का
  12. टोपरा अभिलेख को किस शासक द्वारा टोपरा (यमुनानगर) से दिल्ली लाया गया?
    उत्तर – फिरोज़शाह तुगलक द्वारा
  13. टोपरा अभिलेख (शिलालेख) को सबसे पहले किसने पढ़ा था?
    उत्तर – जेम्स प्रिसेप ने 1837 में
  14. बारहखड़ी में लिखित अभिलेख कहाँ से प्राप्त हुआ?
    उत्तर – सुध (यमुनानगर)
  15. यमुनानगर के से कैसा अभिलेख प्राप्त हुआ है?
    उत्तर – कपालमोचन से अधूरा अभिलेख
  16. लाओस देश से प्राप्त देश से मिला है जिसमें वहाँ के राजा देवक ने कुरुक्षेत्र की महिमा का वर्णन किया है।
  17. अग्रोहा से प्राप्त अभिलेख में किस का वर्णन मिलता है?
    उत्तर – संगीत के स्वरों का
  18. अग्रोहा की गणराज्य की राजधानी थी?
    उत्तर – अग्र गणराज्य की
  19. अग्रोहा से प्राप्त अभिलेख में एक मुद्रक पर अंकित किस गणराज्य की प्रशासनिक व्यवस्थता पर प्रकाश पड़ता है?
    उत्तर – यौधेय गणराज्य
  20. राजा भोजदेव का अभिलेख कहाँ से प्राप्त हुआ है?
    उत्तर – पेहोवा से, इस अभिलेख में हरियाणा के विषय में जानकारी मिलती है।
  21. पेहोवा से प्राप्त किस राजा के समय के शिलालेख मिले है जिसमें मंदिरों के निर्माण की चर्चा की गई है?
    उत्तर – प्रतिहार राजा महेन्द्रपाल
  22. किस राजा के शासनकाल में पेहोवा एक बड़ा व्यापारिक केंद्र था?
    उत्तर – मिहिरभोज के शासनकाल में (पेहोवा घोड़े के व्यापार के लिए प्रसिद्ध था)
  23. किस स्तम्भ पर 8 अभिलेख है जो 8 जगह से आने वाली भागवतो की सूचना देते है?
    उत्तर – हिसार के गुजरी महल में
  24. सिरसा से प्राप्त अभिलेख में किस संप्रदाय का जिक्र मिलता है?
    उत्तर – पशुपति संप्रदाय का
  25. हरियाणा में रहने वाले कुरुओं का उल्लेख किस ग्रंथ में मिलता है?
    उत्तर – शतपथ ब्राह्मण ग्रंथ में
  26. किस काल में हरियाणा को बहुधान्यक कहा गया है?
    उत्तर – महाभारत काल में
  27. महाभारत के किस भाग में रोहतक का वर्णन मिलता है?
    उत्तर – नकुल दिग्विजय में
  28. किस पुराण में हरियाणा में बहने वाली नदियों का वर्णन मिलता है?
    उत्तर – वामन पुराण में
  29. हरियाणा का ‘हरियाला’ नाम किस में ग्रंथ में वर्णित है?
    उत्तर – स्कन्ध पुराण
  30. स्कन्धपुराण में कुरुक्षेत्र को क्या कहा गया है?
    उत्तर – हरीक्षेत्र
  31. मुहम्मद बिन तुगलक (1328 AD) अभिलेख में हरियाणा को क्या कहा गया है?
    उत्तर – पृथ्वी पर स्वर्ग
  32. बोहर शिलालेख (रोहतक) में हरियाणा का क्या नाम मिलता है?
    उत्तर – हरियनक (1337 विक्रमी संवत, बलबल के समय का)
  33. पालम बाओली अभिलेख में हरियाणा का क्या नाम मिलता है?
    उत्तर – हरियनक (1280 AD, बलबल के समय का, इसमें बताया गया है की हरियनक नाम भगवान हरी से बना है)
  34. महाभारत काल में हरियाणा को क्या कहा गया है?
    उत्तर – बहुधानकय (महाभारत काल में यहा बहुत अधिक मात्रा में अन्न की पैदावार होती थी)
  35. इतिहासकार बुद्धप्रकाश के अनुसार हरियाणा किस शब्द से बिगड़कार बना है?
    उत्तर – अभिरयाणा (बुद्धप्रकाश के अनुसार यहा एक पुराना अभिराज नाम का मुख्य कबीला होता था)
  36. कंबोडिया से कौन सा अभिलेख मिला है जिसमें वर्णन मिलता है की हरियाणा के लोग यहा पलायन करके आए है?
    उत्तर – प्राण-विहार
  37. महातीर्थ की स्थापना कुरुक्षेत्र में की गई, यह किस अभिलेख में मिलता है?
    उत्तर – लाओस अभिलेख में
  38. पीहोवा में घोड़ो का व्यापार होता था, यह वर्णन किस अभिलेख में मिला है|
    उत्तर – मिहिरभोज अभिलेख के अनुसार (882 AD) (शासक प्रतिहार मिहिरभोज)
  39. तोमर किसके सामंत (890 AD – 910 AD) होते थे?
    उत्तर – प्रतिहारो के (महेंद्रपाल प्रतिहार के अभिलेख से यह वर्णन मिलता है)
  40. प्रतिहारो के जागीरदार गोगा ने पृथदका में कौन भगवान का मंदिर बनवाया?
    उत्तर – भगवान विष्णु के 3 मंदिर |
  41. बिजौलिया अभिलेख के अनुसार भादनकाज को किसने हराया?
    उत्तर – विग्रहराज ने (हांसी और दिल्ली पर अपना कब्जा किया)
  42. यौधये की राजधानी कौन सी थी ?
    उत्तर – रोहतक
  43. टोपरा अभिलेख को अंबाला से दिल्ली कौन ले कार गया?
    उत्तर – फिरोज शाह तुगलक|
  44. हरियाणा को चव्हाणों के अंतर्गत कौन ले कर आया?
    उत्तर – विग्रहराज (टोपरा अभिलेख में यह वर्णन मिलता है|)
  45. पञ्चपुरा (पिंजौर) के राजा को राजा पृथ्वीराज – 2 ने हराया यह वर्णन किस अभिलेख में मिलता है?
    उत्तर – हांसी अभिलेख

वास्तु अवशेष प्राप्ति स्थान – हरियाणा

संबन्धित स्थानप्राप्त अवशेष
मिताथल, बनावली, राखीगढ़ी, फरमाणा व बालूहद्दप्पा सभ्यता
सिसवाल, मिताथल, बनावली, बालू, गिरावड़, भिड़राणा व कुणालसीसवाल संस्कृति
हिसार व फ़तेहाबादमौर्यकालीन स्तूप व अवशेष
कुणालसीसवाल संस्कृति के आभूषण
मिताथल (भिवानी)कुषाणकालीन सोने व तांबे के सिक्के
सुधशुंगकालीन फ़लक
सोनीपतहर्ष के समय के ताम्र मुद्राएं
नौरंगाबाद (भिवानी)यौद्यों के समय की मुहरें
हांसी व शनीलाजैन मूर्तियाँ
रोहतककुषाण वास्तुकला का द्वार स्तम्भ व बलराम की मूर्ति
पलवलयज्ञ में काम आने वाली मूर्तियाँ
नचारखेड़ा (भिवानी)रामायण श्लोकांकित
अग्रोहाअग्र जनपद के सिक्के
दौलतपुरमिट्टी की मुहरें
थानेश्वर व पिहोवामृण्मय फ़लक