Difference Between CAA and NRC in Hindi Wikipedia :- क्या है कैब और एनआरसी में प्रमुख अंतर

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CAA And NRC सिटिजनशिप अमेंडमेंट बिल संसद से पास होने के बाद अब सिटिजनशिप अमेंडमेंट ऐक्ट यानी कानून बन चुका है। इस कानून के प्रावधानों हो चूका था

Difference Between CAA and NRC in Hindi Wikipedia:-

नागरिकता संशोधन कानून को आए हुए एक साल हो चुका है. केंद्र सरकार ने पिछले साल 11 दिसंबर को सीएए (नागरिकता संशोधन कानून) पास किया था एंटी सीएए और एंटी एनआरसी के हिंसक प्रदर्शनों के बाद योगी सरकार ने बेहद ही कड़ा रुख अपनाया. हिंसा में शामिल लोगों की कथित पहचान सीसीटीवी के जरिए कराई पहचान कर वही जा रही है संशोधन कानून पर देशभर में बवाल मचा है। इसका विरोध करने वाले इसे गैर-संवैधानिक बता रहे हैं जबकि सरकार का कहना है कि इसका कोई भी प्रावधान संविधान के किसी भी हिस्से की अवहेलना नहीं करता है। वहीं, इस कानून के जरिए धर्म के आधार पर भेदभाव के आरोपों पर सरकार का कहना है कि इसका किसी भी धर्म के भारतीय नागरिक से कोई लेना-देना नहीं है।

हालांकि, इन उलझनों के बीच देशभर में प्रदर्शन होने लगे और कई जगहों पर इसने हिंसक रूप भी अख्तियार कर लिया था। दरअसल, कई प्रदर्शनकारियों को लगता है कि इस कानून से उनकी भारतीय नागरिकता छिन जाएगी जबकि सरकार ने कई बार कहा है कि यह कानून नागरिकता देने के लिए है, न कि नागरिकता छीनने के लिए। एक बड़ी आबादी को CAA और NRC में अंतर के बारे में ठीक से नहीं पता है।

CAA and NRC in Hindi

1.क्या है यह NRC:-

एनआरसी या नैशनल सिटिजन रजिस्टर के जरिए भारत में अवैध तरीके से रह रहे घुसपैठियों की पहचान करने की प्रक्रिया पूरी होनी है। अभी यह प्रक्रिया सिर्फ असम में हुई और वहां एनआरसी की फाइनल सूची जारी हो चुकी है। असम में यह प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट की देख-रेख में पूरी हुई है। हालांकि, सरकार का कहना है कि वह पूरे देश में NRC लागू करेगी। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि देश में लागू होने वाली एनआरसी की रूपरेखा असम की एनआरसी के मापदंडों से अलग होगी। लेकिन एनआरसी कब लागू होगा इसकी समयसीमा तय नहीं की गई है।

2.आखरी CAA होता क्या है?:-

इस नागरिकता भारतीय संशोधन कानून के तहत पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश से प्रताड़ित होकर आए हिंदू, सिख, ईसाई, पारसी, जैन और बुद्ध धर्मावलंबियों को भारत की नागरिकता दी जाएगी। यही सब बात इस काननू में बताई गयी है

3.CAA को लेकर क्यों हो रहा हैं? इंतना विवाद :-

नागरिकता संशोधन कानून को लेकर दो तरह से प्रदर्शन हो रहे हैं। पहला प्रदर्शन नॉर्थ ईस्ट में हो रहा है जो इस बात को लेकर है कि इस ऐक्ट को लागू करने से असम में बाहर के लोग आकर बसेंगे जिससे उनकी संस्कृति को खतरा है। वहीं नॉर्थ ईस्ट को छोड़ भारत के शेष हिस्से में इस बात को लेकर प्रदर्शन हो रहा है कि यह गैर-संवैधानिक है। प्रदर्शनकारियों के बीच अफवाह फैली है कि इस कानून से उनकी भारतीय नागरिकता छिन सकती है।

4.एनआरसी (NRC) के लिए कौन कौन से डॉक्यूमेंट चाहिए हैं:-

यह बातें आप सबको ध्यान रखनी चाहिए कि सिर्फ असम में एनआरसी लिस्ट तैयार हुई है सरकार पूरे देश में जो एनआरसी लाने की बात कर रही हैभारत सरकार ने उसके प्रावधान अभी तय नहीं किए हैंकेंद्र सरकार ने अभी एनआरसी लाने में सरकार को अभी लंबी दूरी तय करनी पड़ेगी उसे एनआरसी का मोसाद यानी रोड मैप तैयार कर संसद के सामने पेश करना होगा राज्यसभा और लोकसभा में पारित करवाना होगा फिर उसके ऊपर राष्ट्रपति के दस्तखत होंगेराष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद एनआरसी एक्ट अस्तित्व में आएगा और पूरे देश में लागू हो जाएगा

हालांकि भारत सरकार ने असम की एनआरसी लिस्ट में उन्हें ही जगह दी है जिन्होंने अपनी नागरिकता का पहचान आईडेंटिटी दिया गया हैजिन्होंने साबित कर दिया कि वो या उनके पूर्वज 24 मार्च 1971 से पहले भारत आकर बस गए थे। फिलहाल सरकार कह चुकी है कि एनआरसी पूरे भारत में लागू करने की निकट भविष्य में कोई योजना नहीं है।भारत सरकार किसी भी नागरिक की नागरिकता को खत्म करना नहीं चाहती है

5.भारतीय मुसलमानों पर CAA का क्या फर्क पड़ेगा?

भारत सरकार और गृह मंत्रालय यह पहले ही साफ कर चुके हैं कि सीए(CAA) का भारत के किसी भी धर्म जाति लिंग रंग विभेद के आधार पर किसी भी नागरिक से कोई लेना देना नहीं है इसमें उन गैर मुसलमानों लोगों का और जो कि भारत की नागरिकता देने का प्रावधान है जो पाकिस्तान बांग्लादेश या अफगानिस्तान के धार्मिक उत्पाद ना उत्पीड़न का शिकार होकर भारत में शरण लेना चाहते हैं या ले रखी है उनके मुताबिक कानून 31 दिसंबर 2014 तक भारत में आए

सरकार के पास विकल्प CAA and NRC in Hindi Wikipedia

वहीं वरिष्ठ पत्रकार अदिति फड़नीस का कहना है कि नित्यानंद के बयान से लगता है कि सरकार एनआरसी को लेकर एक पृष्ठभूमि तैयार कर रही है.

उन्होंने कहा, “सरकार ने अब तक इन चीज़ों को स्पष्ट नहीं किया है कि एनआरसी को कैसे लाया जाएगा, ये पूरे देश में आएगा या फिर इसका कोई पायलट प्रॉजेक्ट लाया जाएगा. हालांकि, गृहमंत्री ने कहा था कि हम पूरे देश में लाने की सोच रहे हैं.”

“नित्यानंद ने संसद में जो लिखित जवाब दिया है, वह एक तरह का ट्रायल बलून है कि किन परिस्थितियों में हम इसे वापस भी ले सकते हैं या फिर सांकेतिक रूप से भी ला सकते हैं. ये जवाब एक तरह का संकेत है कि सरकार के पास सभी विकल्प खुले हैं. कोई सरकार किसी बात से एकदम पीछे नहीं हटती. हालांकि ऐसी सुगबुगाहट रह सकती है कि हम इसे लागू कर सकते हैं या इस पर पुनर्विचार करेंगे.”

 

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